इस मंदिर में पति-पत्नी नहीं कर सकते एक साथ पूजा, जानें क्या है वजह

आपने पुराणों में सुना ही होगा कि एक बार भगवान शिव ने गणेश और कार्तिकेय से ब्रह्माण्ड का चक्कर लगाने को कहा था। अगर नहीं सुना तो चलिए हम बता देते हैं। एक बार भगवान शिव ने ने गणेश और कार्तिकेय से ब्रह्माण्ड का चक्कर लगाने को कहा।

कार्तिकेय तो ब्रह्माण्ड की परिक्रमा पर निकल गए। लेकिन गणेश जी ने माता पिता का चक्कर लगाकर कहा कि मेरा ब्रह्माण्ड तो माता पिता के चरणों में है। इससे शिव बहुत खुश हुए और उन्होंने उनका विवाह करवा दिया। दूसरी ओर कार्तिकेय ने कभी भी विवाह न करने की कसम खा ली। अब आप सोच रहे होंगे कि मैं ये कहानी आपको क्यों सुना रही हूं।

दरअसल, शिमला में एक मंदिर है जो इसी कथा से प्रचलित है। रामपुर के मश्रु गांव में दुर्गा माता का मंदिर। कहते हैं कि इस मंदिर में अगर पति-पत्नी ने एक साथ माता के दर्शन किए तो माता रुष्ट हो जाती हैं और इन दोनों को अलग कर देती हैं। इस मंदिर को श्राई कोटि माता मंदिर के नाम से पूरे हिमाचल प्रदेश में जाना जाता है। यहां दर्शन को जाने वाले दंपति एक-एक करके मंदिर में घुसते हैं।

पहले पति दर्शन करके आता है और उसके बाद पत्नी मंदिर में जाकर माता के दर्शन करती है। ऐसा करने कि मुख्य वजह ये है जब कार्तिक ने विवाह न करने का प्रण लिया तो माता पार्वती इस बात से बहुत आहत हुई।

आहत होकर माता पार्वती ने शाप दिया कि जो भी दंपति इस मंदिर में एक साथ पूजा करने आएंगे वो अलग हो जाएंगे। इसी शाप के चलते कोई भी दंपति यहां एक साथ माता के दर्शन नहीं करता। गांव वालों का दावा है कि जिन लोगों ने एक साथ मंदिर में घुसने की भूल कि वो कालांतर में अलग हो गए।

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