नीदरलैंड्स से हारकर भी भारतीय हॉकी टीम क्वॉर्टर फाइनल में

रियो डि जनेरियो। भारतीय हॉकी टीम रियो ओलंपिक की पुरुष हॉकी प्रतियोगिता में गुरुवार को एक के बाद एक मिले पेनल्टी कॉर्नर के बावजूद अपने चौथे मुकाबले में नीदरलैंड्स के हाथों 1-2 से हार गई और 32 साल पहले हॉलैंड से मिली हार का बदला नहीं ले सकी।

भारत को आखिरी सेकेंडों में एक के बाद एक पांच पेनल्टी कॉर्नर मिले उनमें से एक को भी गोल में तब्दील करने में टीम को सफलता नहीं मिल सकी और भारतीय टीम को पूल-बी में अपने चौथे मुकाबले में 1-2 से दूसरी हार का सामना करना पड़ा। भारत के लिए वी रघुनाथ ने 38वें मिनट में एकमात्र गोल किया। नीदरलैंड्स के लिए रोजिर होफमैन ने 32वें और ङ्क्षमक वान डेर वीरडन ने 54वें मिनट में गोल किये। भारतीय हॉकी टीम ने पहले मुकाबले में आयरलैंड को 3-2 से और फिर अर्जेंटीना को 2-1 से हराया था।

बता दें कि 1980 के बाद यह पहला मौका है, जब भारतीय हॉकी टीम ओलिंपिक के क्वॉर्टरफाइनल में पहुंची है। इस लिहाज से यह हॉकी टीम की बड़ी उपलब्धि है और लंबे अरसे बाद पदक की उम्मीद जगी है। पूल बी के एक अन्य मैच में मौजूदा ओलिंपिक चैंपियन जर्मनी और अर्जेंटीना के बीच मैच 4-4 से बराबर छूटने की वजह से भारतीय टीम अंतिम 8 में पहुंच गई है। भारत अब पूल बी में चार मैचों में छह अंक लेकर तीसरे स्थान पर है। यदि वह कल अपने आखिरी लीग मैच में कनाडा से हार भी जाता है, तब भी उसका आखिरी आठ में स्थान तय है।

वहीं मुकाबले की शुरुआत में भारत और मौजूदा यूरोपियन चैंपियन नीदरलैंड्स ने गजब का डिफेंस दिखाया और हाफ टाइम तक स्कोर 0-0 की गोलरहित बराबरी पर रहा। इसके बाद मैच में तेजी नजर आई और नीदरलैंड्स के रोजर होफमैन ने 32वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील कर 1-0 की बढ़त बना ली। लंदन ओलंपिक की रजत पदक विजेता नीदरलैंड्स का यह जश्न ज्यादा देर तक नहीं चला और 38वें मिनट में भारतीय टीम को पेनल्टी कॉर्नर मिला। वी आर रघुनाथ ने बिना कोई गलती किये उसे गोल में तब्दील कर भारत को 1-1 से बराबरी दिला दी। इसके बाद दोनों टीमों ने अपने अपने गोल का बचाव किया लेकिन अंतिम क्वार्टर में पेनल्टी कॉर्नर देना भारत को भारी पड़ गया। ङ्क्षमक वान डेर वीरडन ने 54वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल कर स्कोर 2-1 किया। 36 साल बाद ओलंपिक पदक का सूखा समाप्त करने का सपना लिए कप्तान पी आर श्रीजेश की नेतृत्व वाली भारतीय टीम को इसके बाद बराबरी करने के एक नहीं पांच मौके मिले लेकिन उसे एक में भी सफलता नहीं मिल सकी। अंतिम क्षणों में भारत को एक के बाद एक पांच पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन इसे दुर्भाग्य ही कहा जायेगा कि टीम बराबरी करने से चूक गयी और अंतत: नीदरलैंड्स ने 2-1 से जीत अपने नाम की। भारतीय टीम के चार मैचों में दो जीत और दो हार के बाद पूल-बी में कुल छह अंक हैं और टीम अंकतालिका में तीसरे नंबर पर है।

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