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हिज्बुल कमांडर बुरहान वानी के मुठभेड़ मारे जाने के बाद अमरनाथ यात्रा स्थगित, मोबाइल इंटरनेट बंद

श्रीनगर। हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। श्रीनगर शहर समेत घाटी के कई हिस्सों में कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लागू किए गए हैं और विरोध प्रदर्शनों की आशंका के चलते अमरनाथ यात्रा स्थगित कर दी गई है। कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है जबकि दक्षिण कश्मीर में मोबाइल फोन सेवाओं को प्रतिबंधित कर दिया गया है। वानी और उसके दो साथी कल सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे।

प्रदर्शनकारियों ने अलगाववादी नेताओं के हड़ताल का आह्वान करने के बाद कई स्थानों पर शहर के प्रवेश मार्गों एवं मुख्य सड़कों को बाधित कर दिया। अलगाववादी नेताओं को एहतियातन नजरबंद रखा गया है। आतंकवाद का चेहरा बने वानी के ऑडियो संदेशों के प्रसारण के लिए आज कुछ स्थानों पर लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल किया गया।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि कश्मीर के अधिकतर हिस्सों में अभी तक स्थिति काफी हद तक शांतिपूर्ण है लेकिन कोकेरनाग इलाके में कल मुठभेड़ में मारे गए आतंकी कमांडर के गृहनगर त्राल के निवासियों ने विरोध प्रदर्शन किए। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, ‘कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग, पुलवामा के अधिकतर हिस्सों और श्रीनगर शहर के 6 पुलिस थानों में एहतियात के तौर पर लोगों की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं।’

पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘जम्मू आधार शिविर से अमरनाथ यात्रा को स्थगित कर दिया गया है। आज किसी और तीर्थयात्री को घाटी की तरफ जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।’ उन्होंने कहा, ‘हालांकि कश्मीर में पहलगाम और बालटाल आधार शिविरों से यात्रा जारी रहेगी। तीर्थयात्रियों को ताकीद की गई है कि उनके आगे बढ़ने के बारे में कोई हिदायत जारी होने तक वे इन्हीं शिविरों में रूकें।

 अधिकारी ने बताया कि वानी के मारे जाने की खबर के बाद इन क्षेत्रों में कल रात कुछ स्थानों पर हिंसक प्रदर्शनों के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा, ‘युवाओं के एक समूह ने भी सुरक्षाबलों के शिविरों पर पथराव शुरू कर दिया। सुरक्षा बलों ने अब तक इस पर जवाबी कार्रवाई नहीं की है।’ अधिकारियों ने जम्मू आधार शिविर से घाटी में बालटाल एवं पहलगाम आधार शिविरों तक की अमरनाथ यात्रा एहतियातन स्थगित कर दी है।

भीड़ ने पूर्व में रेलगाड़ियों को निशाना बनाया है जिसके मद्देनजर कश्मीर के बारामूला और पीर पंजाल पर्वतीय श्रृंखला पर स्थित बनिहाल के बीच रेल सेवाएं भी दिनभर के लिए निलंबित कर दी गई हैं। सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और मोहम्मद यासीन मलिक समेत शीर्ष अलगाववादी नेताओं को कल रात नजरबंद कर दिया गया क्योंकि उन्होंने आज बंद का आह्वान किया था। हुर्रियत के दोनों धड़ों ने मारे गए आतंकवादियों के लिए जनाजे की गायबाना नमाज पढ़े जाने की योजना बनाई थी। महिलाओं के कट्टरपंथी संगठन दुख्तरान ए मिल्लत की प्रमुख आसिया अंद्राबी ने तीन दिवसीय बंद का आह्वान किया है।

इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि दुकान, निजी कार्यालय, व्यापारिक प्रतिष्ठान एवं पेट्रोल पंप बंद कर दिए गए हैं जबकि सरकारी कार्यालयों एवं बैंकों में बहुत कम लोगों को देखा गया। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक वाहन सड़कों से नदारद रहे, जबकि कुछ स्थानों पर निजी कारें एवं ऑटोरिक्शा चलते देखे गए। ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के मद्देनजर घाटी में शैक्षणिक संस्थान बंद रहे। अधिकारियों ने बताया कि घाटी में जिला मुख्यालय से बंद की सूचना मिली है।

कश्मीर केंद्रीय विश्वविद्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि विश्वविद्यालय ने आज के लिए निर्धारित सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा के लिए नई तिथियों के संबंध में अलग से अधिसूचना जारी की जाएगी। जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड ने भी हड़ताल के मद्देनजर आज होने वाली परीक्षा स्थगित कर दी।

अधिकारी ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए और शरारती को अफवाह फैलाने से रोकने के लिए पूरी कश्मीर घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं और दक्षिण कश्मीर में फिलहाल के लिए मोबाइल सुविधा पूरी तरह से रोक दी गई है लेकिन ब्रॉडबैंड सेवाएं पहले की तरह चालू हैं।

21 वर्षीय वानी को आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन का चेहरा माना जाता था और वह कश्मीरी युवकों को आतंकवाद की तरफ आकर्षित करता था। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में कल कोकेरनाग इलाके में वानी के मारे जाने के बाद पैदा हुए तनाव को देखते हुए अधिकारियों ने उक्त कदम उठाए हैं। अधिकारी ने कहा कि घाटी में हालात का जायजा लेने के बाद ही जम्मू से अमरनाथ यात्रा बहाल करने के बारे में कोई फैसला किया जाएगा।

वानी ने पिछले महीने जारी एक वीडियो संदेश में कहा था कि उसका संगठन अमरनाथ यात्रियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा क्योंकि ‘वे हमारे मेहमान हैं।’ उसका यह संदेश वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के इस दावे के बाद आया था कि आतंकवादी अमरनाथ यात्रियों को निशाना बना सकते हैं। अमरनाथ यात्रा के छठे दिन कल शाम तक एक लाख से अधिक लोग पवित्र गुफा के दर्शन कर चुके थे। यात्रा 17 अगस्त तक चलेगी।