Breaking News

बुरा फीडबैक लेकर लौटे सभी प्रदेश सेवक 

b7162f06-71e1-44e0-a193-c865f147e94b

उदयपुर। फीड बेक लेने आये राजस्थान सरकार के छह प्रदेश सेवक अपने ही संगठन के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं का आक्रोश झेल कर वापस गए। भाजपा के एक बूथ स्तर के कार्यकर्ता से लेकर 90 साल के बजुर्ग नेता तक ने दो दिन में मंत्रियों के सामने आक्रोश अपने ही नेताओं के खिलाफ निकाला है, यह सारा फीड बेक मुख्य सेवक वसुंधरा राजे या प्रदेशाध्यक्ष तक जाएगा या नहीं, इस पर कोई प्रभावी कारवाई होगी या नहीं इस पर पार्टी के ही कार्यकर्ताओं को शक है।

कल सुबह से दोपहर तक सर्किट हाउस में चली फीड बेक बैठक में पूर्व जिलाध्यक्षों और वरिष्ठों ने अपना गुस्सा जमकर निकाला। सबसे अधिक निशाने पर गृह सेवक गुलाबचंद कटारिया और आनंदमयी गैंग रही। हालाकि आनंदमयी गैंग के मुखिया प्रमोद सामर ने भी अपना दुखड़ा मंत्रियों के सामने रखा और अपने विरोधी गुट के कार्यकर्ताओं पर सोशल मीडिया पर पार्टी को बदनाम करने की साजिश बताया। दूसरी तरफ पूर्व जिलाध्यक्ष हीरालाल कटारिया ने शहर भाजपा के अंदरूनी कलह और झगड़े की मुख्य जड़ गृह सेवक गुलाबचंद कटारिया को बताया।

0fa505bd-619f-458f-a5a0-d34cc16d1006

आनन्दमई गैंग ने सुनाया दु:खड़ा  : उदयपुर संभाग के कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेन आए प्रदेश के सेवकों से मुलाकात के दौरान आनन्द मई गैेंग के लोगों ने बताया कि सोशल मिडिया पर पार्टी के दिग्गजों को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ उठाईगिरिए बदनियती से फोटो बनाकर सोशल मिडिया पर वायरल कर रहे हैं। इससे पार्टी की ही बदनामी हो रही है, कल को तो ये मुख्यसेवक वसुन्धरा राजे की फोटो बनाकर भी डाल देेंगे। इसलिए कार्यवाई की सख्त जरूरत है। गौरतलब है कि पैसे लेकर टिकिट देने और बाद में जिला प्रमुख बनाने के लिए पैसे लेने के आरोप के बाद ही इस गेंग को आनन्दमई गैंग नाम दिया गया था और एक लम्बी बाईक पर बैठे सभी का फोटो वायरल हुआ था।

जनता सेना पर हुए सवाल खड़े : जनता सेना पर सवाल खड़े करते हुए कुछ कार्यकर्ताओं ने कहा कि जनता सेना के लोग भाजपा के पदाधिकारी है। जबकि जनता सेना ने भाजपा के खिलाफ चनाव लड़ा है।  संगठन में जनता सेना की महिला प्रमुख को भाजपा में प्रदेश महिला उपाध्यक्ष का पद दिया गया, यह कहाँ तक सही है। इस पर भाजपा देहात जिला कार्यकारिणी के लोगों ने पलटवार करते हुए कहा  की जनता सेना इसलिए बनी क्यूँ कि कटारिया ने रणधीर सिंह को टिकिट नहीं देने दिया। एक तरह से जनता सेना भाजपा का ही एक अंग है। लेकिन भाजपा के इन बड़े पदाधिकारियों ने पंचायत चुनाव में प्रधान के चुनाव में कांग्रेस के साथ मिल कर कांग्रेस का प्रधान बनाया तो अब आने वाले चुनाव में हम किसके खिलाफ चुनाव लड़ेगें। कांग्रेस के खिलाफ या कांग्रेस के साथ मिलकर किसी और के खिलाफ

सारे झगड़े की जड़ है कटारिया : पूर्व जिलाध्यक्ष ने सर्किट हाउस में मंत्रियों को खरी खरी सुनाते हुए साफ़ कर दिया कि जिले में जो भाजपा के लोग आपस में झगड़ रहे है, इस झगड़े की जड़ सिर्फ गुलाबचंद कटारिया है। यहाँ पर भाजपा पार्टी नहीं और कटारिया पार्टी चलती है। अभी हाल ही में जो छह वार्ड सेवक मनोनीत हुए उनके लिए यह नहीं कहा जा रहा कि वह भाजपा के वार्ड सेवक है, उनके लिए यह कहा जारहा है कि यह कटारिया गुट के है। एसी स्थिति संगठन के लिए आने वाले समय में खतरनाक हो सकती है।

युआईटी सचिव के खिलाफ फूटा आक्रोश : युआईटी क्षेत्र में आने वाले करीब 20 वार्ड सेवको ने प्रदेश सेवक अरूण चतुर्वेदी ज्ञापन देकर को युआईटी सचिव के खिलाफ अपना विरोध प्रकट किया । ज्ञापन में सभी ने सचिव रामनिवास मेहता के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की गई है। सभी का कहना था कि सेकेट्री बात तक नहीं सुनते है, आफिस के अन्दर जाने की मनाही है, अतिक्रमण पर कार्रवाई करने से पहले आज तक राय शुमारी नहीं की गई, न ही वार्डों के विकास कार्यों पर कभी चर्चा की गई। अगर ऐसा ही चलता रहा तो दूरगामी परिणाम बुरे हो सकते है।

वार्ड सेवकों रखा गया दूर : कुछ दिनों पूर्व आए संगठन के प्रदेश सेवक विरमदेव सिंह के सामने जब वार्ड सेवकों ने कहा कि निगम की गतिविधियों के बारें में इन तीन दिनों में एक बैठक प्रदेश सेवकों के साथ करवाई जाए । उस समय तो श्री सिंह ने हामी भर ली थी, लेकिन शहर भाजपा ने शायद वार्ड सेवकों की मंशा को भांप लिया और किसी को भी मिलने नहीं दिया गया, उन्हें डर था कि कहीं सभी लोग महापौर की बगावत प्रदेश सेवकों के सामने न कर दे जो इन दिनों बोर्ड बैठकों और मिडिया में खुलकर देखी देखी जा रही है।