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दलितों का उत्पीडऩ करने वालों पर राज्य करें कड़ी कार्रवाई : राजनाथ

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने दलितों का उत्पीडऩ रोकने और उनके सामाजिक आर्थिक उत्थान की प्रतिबद्धता जताते हुए राज्य सरकारों से गुरुवार को कहा कि वे किसी भी बहाने से दलित उत्पीडऩ करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करें। लोकसभा में देश में दलित उत्पीडऩ की स्थिति पर नियम 193 के तहत हुई चर्चा का उत्तर देते हुए गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि उन्होंने राज्य सरकारों को इस संबंध में पहले ही परामर्श भेज दिया है और उसमें कहा है कि गौरक्षा के नाम पर दलितों का उत्पीडऩ करने वाले असामाजिक तत्वों पर कठोरतम कार्रवाई करें।

उनके जवाब पर असंतोष व्यक्त करते हुए कांग्रेस तथा वामपंथी दलों के सदस्यों ने जवाब के बीच ही सदन से वहिर्गमन किया। सिंह ने कहा कि दलित उत्पीडऩ रोकने के लिए सरकार ने अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण कानून को संशोधित करके उसे कठोर बनाया है। उन्होंने राज्य सराकरों और सामाजिक संगठनों को भी दलित उत्पीडऩ रोकने के लिए सक्रिय योदान देने का आह्वान किया।

सिंह ने कहा कि दलितों के उत्पीडऩ को रोकने के लिए प्रतीकात्मक और ठोस दोनों तरह के उपाय जरूरी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(राजग) की सरकार ने दो साल में जितना काम इस दिशा में किया है उतना पिछले 55 वर्षों में नहीं हुआ। उनके सामाजिक आर्थिक उत्थान की चिंता यदि पहले की गई होती तो आज यह समस्या पैदा नहीं होती। उन्होंने सरकारी आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2013 और 2014 की तुलना में वर्ष 2015 में दलितों पर अत्याचार की घटनाओं में कमी आई है, लेकिन वह यह दावा नहीं कर सकते कि ये घटनाएं रुक गईं हैं।

सिंह ने कहा कि यह विकृत मानसिकता है तथा हमें इसे चुनौती के रूप में लेते हुए इसे समाप्त करने का संकल्प लेना चाहिए। ऐसी घटनाओं का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। गृह मंत्री ने प्राचीन काल से अब तक के इतिहास में दलित समुदाय के योगदान की चर्चा की और कहा कि अस्पृश्यता प्राचीन भारत में नहीं थी। रामायण और महाभारत की रचना से लेकर कबीर, रविदास, ज्योतिबाफुले और डा. बी आर अंबेडकर तक अनेक संतों ने भारतीय संस्कृति को समृद्ध किया है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने डा. अंबेडकर की 125 वर्षगांठ को आदर और श्रद्धापूर्वक इसलिए मनाया है कि वह इस समाज के योगदान को मान देती है। वह मानती है कि डा. अंबेडकर का सम्मान दलित समाज नहीं वरन पूरे भारत का सम्मान है। उन्होंने कहा कि सरकार की जनधन खाता, जीवन ज्योति बीमा, अटल पेंशन, स्टैण्ड अप इंडिया आदि योजनाएं दलितों के सामाजिक आर्थिक सशक्तीकरण और उनकी उद्यमशलीता को बढ़ाने के लिए बेहद कारगर साबित हो रही है।