Breaking News

चाहे कितने पत्र लिख ले पाक आतंकवाद छिपा नहीं पाएगा : भारत

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के संयुक्त राष्ट्र महासचिव को लिखे गए पत्र पर भारत ने गुरुवार को कहा कि वे चाहे जितने पत्र लिख लें, पर सीमा पर आतंकवाद को दुनिया से छिपा नहीं पाएंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति से जुड़े किसी भी पहलू से पाकिस्तान का कोई वास्ता नहीं है सिवाय सीमा पार आतंकवाद, घुसपैठ तथा भारत में आतंकवाद एवं हिंसा को भड़काने के।

स्वरूप ने कहा कि पाकिस्तान और उसके नेताओं द्वारा किए जा रहे दुष्प्रचार का मुकाबला करने और दुनिया के सामने सही तस्वीर रखने के लिए सरकार प्रमुख वार्ताकारेां के माध्यम से द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि चाहे कितने भी पत्र लिखे जाएं, पर उनसे सीमा पार आतंकवाद को छिपाया नहीं जा सकेगा। जम्मू कश्मीर में पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकी बहादुर अली के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में स्वरूप ने कहा कि बहादुर अली इस बात का एक और जीता जागता सबूत है कि पाकिस्तान भारत में सीमा पार से आतंकवाद में लिप्त है।

उन्होंने कहा, बहादुर अली से पूछताछ में जो तथ्य सामने आए हैं, उनसे स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान में नौजवान लड़कों को कैसा प्रशिक्षण दिया जा रहा है, किन शिविरों में उन्हें रखा गया है, कौन-कौन से हथियार दिए गए हैं और भारत में घुसपैठ के पहले किस तरह की विच़ारधारा उनके दिमाग में भरी गई है। उन्होंने कहा कि बहादुर अली के बयान से यह सिद्ध होता है कि लश्कर-ए-तैय्यबा पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के सहयोग से कश्मीर में बड़े पैमाने पर हिंसक आंदोलन कराने के लिए अपने आतंककारियों को भेज रहा है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पूरी तरह से बेनकाब हो गया है। भारत ने इस मुद्दे को पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय स्तर पर उठाया है। पाकिस्तान को बहादुर अली से राजनयिक संपर्क की भी पेशकश की गई है जिसे पाकिस्तान ने अब तक स्वीकार नहीं किया है। पाकिस्तान की हिरासत में भारतीय नागरिक हामिद अंसारी के बारे में एक सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने बताया कि भारत में पाकिस्तान सरकार से पुन: यह मामला पांच अगस्त को उठाया है। ऐसी रिपोर्टे आईं थी कि जेल में हामिद पर दोबारा हमला हुआ है।

उन्होंने बताया कि पाकिस्तान से कहा गया है कि हामिद की तीन साल की सजा पूरी हो गयी है और उन्हें रिहा करके भारत भेजा जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि हामिद के परिजनों की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से संसद भवन परिसर में मुलाकात होगी।