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एकलिंगनाथ के समक्ष बही सुरों की गंगा, हुए अभिषेक एवं भव्य आरती

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उदयपुर। गुरू पूर्णिमा के पावन अवसर पर मंगलवार को कैलाशपुरी स्थित भगवान एकलिंगनाथ जी के मंदिर में विशेष पूजन आरती के साथ शास्त्रीय संगीत एवं वाद्य यंत्रों से भगवान एकलिंगनाथ को स्वरांजली भेंट की गई।

गुरू पूर्णिमा के पुण्य अवसर पर श्री एकलिंगजी ट्रस्ट एवं महाराणा कुंभा संगीत कला ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में एकलिंगजी मंदिर में आयोजित स्वरांजली-2016 में प्रात:कालीन वेला में शंभू प्रसाद ने राग कोमल विलंबित में बंदिश जगत सपना के तहत ‘ऐरी अब तो सहेली…’ के साथ ‘छाया बदरा…’ में प्रस्तुतियां दी। तत्पश्चात डेबोप्रिया एवं सुचिस्मिता ने बांसुरी पर कीर्तन प्रस्तुत किए। इसके पश्चात पियू सरखेल ने भजन ‘मन की पंछी भई भदवरा…’ में भावपूर्ण प्रस्तुति दी। तत्पश्चात तराना में ‘मनवा हरि को सुमरे…’ के साथ मीरा एवं शिव के भजन की भावभूर्ण प्रस्तुति दी।

इसके पश्चात मैसूर के शुभेन्द्र राव सितार पर एवं हितेन्द्र दीक्षित ने तबले पर अपनी प्रस्तुति दी। इसके बाद रामपुर सहस्वान घराने के प्रसिद्ध प्रसाद खापर्ड ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति दी। स्वरांजली के सायंकालीन वेला में हुई आरती के दौरान महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल फाउण्डेशन के ट्रस्टी लक्ष्यराज सिंह मेवाड़, उनकी धर्मपत्नी निवृत्ति कुमारी मेवाड़ एवं सुपुत्री मोहलक्षिका कुमारी मेवाड़ के साथ उपस्थित रहे। दोनों वेला के समाप्ति के पश्चात एकलिंगनाथ केमंदिर के मुख्य पुजारी ने कलाकारों को सरोपाव भेंट कर सम्मानित किया।

श्रीएकलिंगजी मंदिर में मंगलवार प्रात: भगवान एकलिंगनाथ की प्रात: अभिषेक आरती तत्पश्चात श्रृंगार आरती, राजभोग आरती, दोपहर बड़ी आरती, शाम अभिषेक आरती, श्रृंगार आरती, भोग आरती, शाम बड़ी आरती, तत्पश्चात शयन आरती हुई।

इन्होंने की संगत: स्वरांजली में कलाकार सुधीर यार्दी, हितेन्द्र दीक्षित, विजय कुमार धान्द्रा, संपा सरकार, डॉ. सुरभि आर्य विभिन्न वाद्य यंत्रों के साथ संगत की।