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अब बैंक पूछेगा, ‘कहां से और कैसे मिला नकली नोट?’

अगर बैंक के काउंटर पर आपसे सवाल पूछा जाए कि आपको नकली नोट कहां मिला, तो चौंकने की जरूरत नहीं है। अब अगर आपके पास से 2-3 नकली नोट मिला, तो बैंक आपसे यह पूछेगा कि आपको वह नोट कहां और कैसे मिला। इस सवाल से परेशान होने की जरूरत नहीं है। अहमदाबाद पुलिस ने नकली नोटों के नेटवर्क पर लगाम कसने के लिए सभी बैंकों को इस बारे में निर्देश जारी किया है।

फिलहाल अगर किसी उपभोक्ता के पास से नकली नोट बरामद होता है, तो बैंक उसका नाम और बाकी ब्योरा पूछती है। यह ब्योरा बैंक की ओर से क्राइम ब्रांच के पास भेज दिया जाता है। बैंक द्वारा दी गई इस जानकारी की शहरी इलाकों में क्राइम ब्रांच और ग्रामीण क्षेत्रों में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप विस्तृत खोजबीन करता है। अगर जांच में पुलिस को कुछ संदेहास्पद मिलता है, तो वह उस व्यक्ति के खिलाफ जांच शुरू करती है जिसके पास से बैंक ने नकली नोट बरामद किया था।

अब नकली नोटों के धंधे को रोकने के लिए जांच का दायरा बढ़ाने पर विचार किया गया है। इसी क्रम में लोगों से उनके नाम व अन्य संबंधित जानकारियों के अलावा यह भी पूछा जाएगा कि उनके पास वह नकली नोट कहां से आया है। मालूम हो कि दिसंबर 2015 से जून 2016 के बीच पुलिस ने 5.23 करोड़ रुपये के नकली नोट बरामद किए। कई ऐसे मामले भी सामने आए जहां अपराधी आधी कीमतों पर नकली नोट खरीदा करते थे।

5 से ज्यादा नकली नोट मिलने पर FIR अनिवार्य
नए नियमों के मुताबिक, अगर किसी शख्स के पास 5 से अधिक नकली नोट मिलते हैं तो FIR जरूर दर्ज की जाएगी। बैंक के सूत्रों ने
बताया कि पुलिस की ओर से बैंक को निर्देश दिया गया है कि अगर किसी ग्राहक के पास से 5 से अधिक नकली नोट मिलते हैं, तो FIR दर्ज कराया जाए। वहीं अगर 5 से कम नकली नोट बरामद होते हैं, तो बैंक को उस ग्राहक का नाम और बाकी सभी जानकारियां रखनी होंगी। ऐसे मामलों में बैंकों को एक फॉर्म भी भरना होगा, जिसमें नकली नोट के सीरियल नंबर के साथ उस ग्राहक का नाम, पता, मोबाइल नंबर व खाता नंबर दर्ज किया जाएगा। इस फॉर्म की एक कॉपी बैंक उस ग्राहक को भी देगा।